25 years of Chhattisgarh

नक्सल प्रभावित राज्य से एक विकसित विलक्षित राज्य तक का सफ़र : छत्तीसगढ़ के स्वर्णीम 25 वर्ष

लेख : आरव शुक्ला:  25 Years of Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ नाम सुनते ही पहले लोगों को लगता था यह पिछड़े वर्ग का एक नक्सल प्रभावित राज्य है, जहां सुख-सुविधाओं की कमी है एवं ज़्यादा कुछ ख़ास नहीं है। किन्तु पिछले 25 वर्षों में हर वर्ष छत्तीसगढ़ दुनिया वालों के इस विचार को हरा कर अपनी…

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World Animal Day

विश्व पशु दिवस : पशुजगत के प्रति दुर्व्यवहार त्याग कर सामुहिक रूप से सरंक्षण -संवर्धन का संकल्प ले

संपादकीय by कांतिलाल मांडोत  ।  World Animal Day : देश मे पशुजगत की दुर्दशा को देखकर मन विचलित हो जाता है। गोधन की दुर्दशा देखकर ह्दय कंपित हो उठता है।ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में पशुओं के प्रति प्रेम और सहानुभूति अभूतपूर्व थी।पशुओ के सरंक्षण के लिए हमे प्रयास करना होगा। आज हमारे देश मे पशुओ की दुर्दशा…

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2nd October Gandhi Jayanti

2 अकटुबर गांधी जयंती : महात्मा गांधी का चिंतन सत्कर्मो की सुवास से महकता गुलदस्ता था

संपादकीय: 2nd October Gandhi Jayanti :  भारतीय इतिहास में दो अक्टूबर का दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण माना जाता है। जैसे चैत्र सुदी तेरस के दिन भगवान महावीर, वैशाखी पूर्णिमा के दिन महात्मा बुद्ध, चैत्र सुदी नवमी के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम राम और भाद्रव कृष्ण अष्टमी के दिन श्रीकृष्ण का इस धरा पर अवतरण हुआ था।  उसी…

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Shiva who is the Nature Himself Now

शिव स्वयं प्रकृति के परिचायक; प्रकृति का दोहन विनाश को निमंत्रण देना

Editorial । Shiva who is the Nature Himself Now :  यह सत्य है कि भगवान भोलेनाथ जिन्हें हम श्रद्धापूर्वक ‘महादेव’ कहते हैं, कैलाश पर्वत पर विराजते हैं। किंतु उनका स्वरूप केवल कैलाश तक सीमित नहीं है वे ही प्रकृति के परिचायक हैं। शिव ही आदि हैं, अनंत हैं ! शिव स्वयं संपूर्ण सृष्टि में व्याप्त…

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