नई दिल्ली: Helpline Numbers for Indians who Stucked at Middle East: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में मौजूदा स्थिति को देखते हुए विदेश मंत्रालय में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।
इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। मध्य पूर्व में युद्ध और तीव्र होने के साथ-साथ, इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर लगातार हमले जारी हैं ।
Helpline Numbers for Indians who Stucked at Middle East: विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार को पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नई दिल्ली में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। यह नियंत्रण कक्ष सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक कार्यरत रहेगा और इसका उद्देश्य भारतीय नागरिकों की सहायता करना और क्षेत्र में बदलती स्थिति से संबंधित प्रश्नों का उत्तर देना है।
A Special Control Room has been set up in the Ministry of External Affairs in view of the current situation in West Asia and the Gulf region. Details are as below ⬇️
🔗 https://t.co/nK3d6SY9Pa pic.twitter.com/v2EhUI5B1x
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) March 4, 2026
Helpline Numbers for Indians who Stucked at Middle East: लोग इन नंबरों के माध्यम से नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर सकते हैं:
- 1800118797
- +91 11 2301 2113
- +91 11 2301 4104
- +91 11 2301 7905
Helpline Numbers for Indians who Stucked at Middle East: इस क्षेत्र में स्थित भारतीय दूतावासों के आपातकालीन संपर्क नंबर इस प्रकार हैं:
- बहरीन: +973 39418071
- ईरान: +98 9128109115 / +98 912810910 / +98 912810910 / +98 932179359
- इराक: +964 771 651 1185 / +964 770444 4899
- इज़राइल: +972 54 7520711 / +972 54 2428378
- जॉर्डन: +962 770 422 276
- कुवैत: +965 65501946
- लेबनान: +961 76860128
- ओमान: +968 98282270 (व्हाट्सएप) / 80071234
- कतर: +974 55647502
- रामल्लाह, फ़िलिस्तीन: +970 592916418
- सऊदी अरब (रियाद): +966 11 4884697 / 800 247 1234
- सऊदी अरब (जेद्दा): +966 126648660 / +966 12 2614093
- संयुक्त अरब अमीरात: +971 543090571 (व्हाट्सएप) / 800 46342
28 फरवरी को शुरू हुआ था संघर्ष
Helpline Numbers for Indians who Stucked at Middle East: संघर्ष शनिवार (28 फरवरी) को शुरू हुआ था। अमेरिका और इजरायल ने ईरान में कई हमले किए थे, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मारे गए थे।
दोनों देशों ने इसे एक बड़ा सैन्य अभियान बताया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने बाद में हमलों में खामेनेई की मौत की पुष्टि की, जिससे शत्रुता में नाटकीय वृद्धि हुई और व्यापक जवाबी हमले शुरू हो गए।
Helpline Numbers for Indians who Stucked at Middle East: पूरे क्षेत्र में हमलों और जवाबी हमलों का आदान-प्रदान तेज हो गया है, जिसके जवाब में ईरान ने इज़राइली संपत्तियों, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी क्षेत्र के रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया है ।

