लेख by kuldeep shukla । shant netritva tej vikas : धरती के भीतर दबा साधारण सा कोयला जब वर्षों तक तपता है, दबाव सहता है, तब वही कोयला हीरा बनकर चमकता है। उसकी चमक केवल बाहरी नहीं होती, बल्कि उसके पीछे संघर्ष, धैर्य और समय की तपिश छिपी होती है। कुछ ऐसा ही व्यक्तित्व मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का है ।
छत्तीसगढ़ की मिट्टी से जुड़े, सरल जीवन जीने वाले विष्णुदेव साय ने राजनीति में अपनी पहचान किसी शोर या दिखावे से नहीं बनाई, बल्कि वर्षों की मेहनत, संगठन के प्रति समर्पण और जनता के विश्वास से बनाई है। वे उन नेताओं में हैं जो बरगद के पेड़ की तरह स्थिर और विशाल व्यक्तित्व रखते हैं — शांत, स्थिर और अपनी छांव में सबको साथ लेकर चलने वाले।
उनका व्यक्तित्व नदी की धारा जैसा है। नदी कभी शोर नहीं करती, लेकिन अपने शांत प्रवाह से बड़े-बड़े पत्थरों के बीच भी रास्ता बना लेती है । उसी तरह विष्णुदेव साय की राजनीति में आक्रामकता नहीं, बल्कि संयम और स्थिरता दिखाई देती है। वे बिना अधिक शब्दों के अपने काम और निर्णयों से प्रभाव छोड़ते हैं।
shant netritva tej vikas : ग्रामीण और आदिवासी अंचलों से निकले होने के कारण वे जमीन की वास्तविक समस्याओं को समझते हैं। यही कारण है कि उनके प्रशासन में गांव, किसान, सड़क, शिक्षा और जनकल्याण जैसे मुद्दे प्राथमिकता में नजर आते हैं। उनका नेतृत्व यह दर्शाता है कि सादगी कभी कमजोरी नहीं होती, बल्कि वही सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
shant netritva tej vikas : विष्णुदेव साय: गांव के पंच से राज्य के मुख्यमंत्री तक का सफ़र
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मूल व्यवसाय कृषि है। किसान परिवार के विष्णुदेव साय ने लंबा राजनीतिक सफर तय कर ऊंचा मुकाम हासिल किया। उन्होंने तत्कालीन अविभाजित मध्यप्रदेश में सन् 1989 में बगिया ग्राम पंचायत के पंच के रूप में अपने राजनीतिक जीवन शुरुआत की। विष्णुदेव साय सन् 1990 में ग्राम पंचायत बगिया के निर्विरोध सरपंच चुने गए।
विष्णुदेव साय सन् 1990 में पहली बार तपकरा विधानसभा से विधायक बने । विष्णुदेव साय 1990 से 98 तक तत्कालिन मध्यप्रदेश के विधानसभा तपकरा से दो बार विधायक रहे । विष्णुदेव साय सन् 1999 से लगातार रायगढ़ से 4 बार सांसद चुने गए।
उन्होंने लोकसभा क्षेत्र रायगढ़ (छत्तीसगढ़) से सन् 1999 में 13वीं लोकसभा, 2004 में 14वीं लोकसभा, सन् 2009 में 15वीं लोकसभा और 2014 में 16वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में उल्लेखनीय कार्य किए। विष्णुदेव विष्णुदेव साय ने 27 मई 2014 से 2019 तक केन्द्रीय राज्य मंत्री के रूप में इस्पात, खान, श्रम व रोजगार मंत्रालय का प्रभार संभाला।
shant netritva tej vikas : विष्णुदेव साय इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। ततपश्चात 13 दिसंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के चौथे मुख्यमंत्री के रूप में वे चुने गए । भाजपा विधायक दल की बैठक में उन्हें नेता चुना गया, जिसके बाद रायपुर में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
घर के बड़े बुजुर्गों से मिली राजनैतिक कार्यकुशलता और संज्ञान
shant netritva tej vikas : विष्णुदेव साय मूलतः किसान परिवार से है, लेकिन उनके परिवार के राजनीतिक अनुभव का लाभ उन्हें मिला। उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय, स्वर्गीय केदारनाथ साय लंबे समय से राजनीति में रहे।
स्वर्गीय नरहरि प्रसाद लैलूंगा और बगीचा से विधायक और बाद में सांसद चुने गए। केंद्र में संचार राज्यमंत्री के रूप में भी उन्होंने काम किया। स्वर्गीय केदारनाथ साय तपकरा से विधायक रहे। विष्णुदेव साय के दादा स्वर्गीय बुधनाथ साय भी सन् 1947-1952 तक विधायक रहे।
मुख्यमंत्री साय का अब तक का कार्यकाल सुशासन का पर्याय
shant netritva tej vikas : देखा गया है की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व की सरकार वादों की नहीं बल्कि वादों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करने वाली सरकार के रूप में नज़र आई है। सरकार बनते ही उनके नेतृत्व की सरकार ने ना केवल अपने वादों पर अमल किया बल्कि पूर्व सरकार द्वारा अपूर्ण कार्यों को भी ज़िम्मेदारी पूर्ण संपन्न किया। साय सरकार में छत्तीसगढ़ को वह सब कुछ मिला जिसका इंतज़ार राज्य पिछले 25 वर्षों से कर रहा था ।
राज्य में नवनिर्मित नेशनल हाईवे का जुड़ना, नवा रायपुर को पूर्ण रूप से एक हाईटेक सिटी के ओर ले जाना, किसानो के हित में अनेक योजनाएं, और सबसे सराहनीय कार्य नक्सल मुक्त छत्तीसगढ़ का वादा ससमय पूर्ण होना और सक्रीय नक्सल मुख्याओं और उनके साथियों का मुख्यधारा में वापस आना, देखा जाय तो ये सभी तो यादों और जनता की नज़र में बनी हुई मुख्य कार्यों की सूची में आती है, किंतु ऐसे और भी बहुत भिन्न कार्य हैं जो प्रशासनिक और कागज़ी तौर पर संपन्न हो रहें हैं, और राज्य के हित में हैं।
shant netritva tej vikas : साय सरकार प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के संग प्रगती के मार्ग में सतत रूप से कदम से कदम मिलाकर चल रही है और कार्य कर रही है।
आइये एक नज़र डालते हैं कुछ मुख्य योजनाओं और कार्यों पर जो साय सरकार के नेतृत्व में अब तक संपन्न हुए:
- महतारी वंदन योजना: उनकी सरकार की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक। इस योजना के तहत विवाहित महिलाओं को हर महीने ₹1000 की आर्थिक सहायता दी जा रही है। लाखों महिलाएं इसका लाभ ले रही हैं।
- कृषक उन्नति योजना: धान खरीदी ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से लागू की गई। किसानों को बोनस और अंतर राशि सीधे खाते में दी गई। लाखों किसानों को इसका लाभ मिला।
- प्रधानमंत्री आवास योजना को तेजी: सरकार की पहली कैबिनेट बैठकों में ग्रामीण गरीबों के लिए बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए।
- रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना: छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन के लिए विशेष सुविधा और यात्रा योजना शुरू की गई।
- तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए बढ़ी सहायता: तेंदूपत्ता संग्रहण की मजदूरी ₹4000 से बढ़ाकर ₹5500 प्रति मानक बोरा की गई। इससे आदिवासी और वनांचल के लाखों परिवारों को लाभ मिला।
- चरण पादुका योजना का पुनः संचालन: जंगल क्षेत्रों में काम करने वाले तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते-चप्पल और आवश्यक सामग्री देने की योजना दोबारा शुरू की गई।
- नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास: सरकार ने सुरक्षा के साथ विकास मॉडल अपनाया। सड़क, शिक्षा, रोजगार और पुनर्वास योजनाओं पर जोर दिया गया। कई क्षेत्रों में “सेवा केंद्र” बनाने की पहल हुई ताकि ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं गांव के पास मिल सकें।
- सुशासन तिहार अभियान: सरकार सीधे गांवों तक पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है। शिकायत निवारण शिविर लगाए गए और योजनाओं की समीक्षा की गई।
- अटल डिजिटल सेवा केंद्र: हर ग्राम पंचायत में डिजिटल सुविधा केंद्र शुरू करने की दिशा में काम किया गया ताकि गांवों में बैंकिंग और ऑनलाइन सरकारी सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
- भूजल संरक्षण मिशन: शहरी क्षेत्रों में पानी की समस्या को देखते हुए “पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूजल संरक्षण मिशन” शुरू किया गया। इसमें वर्षा जल संरक्षण और जल प्रबंधन पर जोर दिया गया।
- नई औद्योगिक नीति: AI, सेमीकंडक्टर, IT, फार्मा और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाई गई। राज्य को हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले।
- नवा रायपुर IT हब: नवा रायपुर में IT और ITeS कंपनियों के लिए विशेष हब बनाने का निर्णय लिया गया ताकि युवाओं को रोजगार मिल सके।
- विकसित छत्तीसगढ़ विजन 2047: सरकार ने “विकसित छत्तीसगढ़” का लक्ष्य रखा, जिसमें तकनीक, पारदर्शिता और विकास आधारित मॉडल पर काम किया जा रहा है।
- स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में पहल: मेडिकल सुविधाओं के विस्तार, नए अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर काम किया गया।
- किसानों के लिए कृषि क्रांति अभियान: किसानों को सीधे कंपनियों से जोड़ने, नई तकनीक और Soil Health Card के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए अभियान शुरू किया गया।
shant netritva tej vikas : पूरा प्रदेश और देश देख रहा है की कैसे छत्तीसगढ़, शिक्षा, उद्योग, निर्माण, व्यापर, खेती किसानी, रोजगार, खनन उत्खनन सभी क्षेत्रों में उभरकर आ रही है, और यह संभव हो सका है मुक्यमंत्री साय और उनके कैबिनेट के मंत्रीगण और विधायकों के बदौलत जिन्होंने छत्तीसगढ़ शासन को सुशासन के पर्याय के रूप में उभरने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इन सभी योजनाओं को मूर्तरूप देने में सहयोग किया है।
आज के दौर में जहाँ राजनीति में तेज आवाज़ और बड़े-बड़े दावे अक्सर सुर्खियाँ बनते हैं, वहाँ विष्णुदेव साय एक ऐसे दीपक की तरह दिखाई देते हैं जो शांत रहकर भी लगातार प्रकाश देता है। उनकी कार्यशैली यह साबित करती है कि नेतृत्व केवल भाषणों से नहीं, बल्कि धैर्य, विश्वास और जमीन से जुड़े निर्णयों से मजबूत बनता है।
shant netritva tej vikas : वे उस किसान की तरह हैं जो बिना शोर किए खेत में मेहनत करता है और समय आने पर पूरी फसल पूरे समाज को पोषण देती है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नेतृत्व भी छत्तीसगढ़ के विकास और जनविश्वास की ऐसी ही फसल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ता दिखाई देता है।
- लेख : कुलदीप शुक्ला, संपादक, जन सुराज
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