नई दिल्ली 27 सितंबर । bhartiya : भारत का आसमान अगले कई दिनों तक अलग-अलग देशों के सैन्य विमानों की गतिविधियों का गवाह बनेगा। यह गतिविधियों भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास ‘तरंग शक्ति 2026’ के अंतर्गत होने जा रही हैं। ‘तरंग शक्ति 2026’ का उद्घाटन हो गया है।
विभिन्न देशों की वायु सेनाएं एक साथ प्रशिक्षण
bhartiya : जोधपुर में इसका ऑपरेशनल चरण शुरू हो रहा है। इस चरण में विभिन्न देशों की वायु सेनाएं एक साथ प्रशिक्षण लेंगी और अपने अनुभव साझा करेंगी।रविवार को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने यहां विभिन्न वायु सेनाओं के बीच संयुक्तता, अंतर-संचालनीयता और सौहार्द को देखा।
भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के बीच मजबूत संबंध
bhartiya : वहीं, फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डोमिनिक टार्डिफ ने अभ्यास निदेशक एयर वाइस मार्शल राज ठाकुर के साथ वार्ता की। इस दौरान भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के बीच मजबूत संबंधों और बढ़ते सहयोग की पुष्टि हुई।
भारत के साथ सात मित्र देश एक मंच पर
bhartiya : 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभ्यास में भारत के साथ सात मित्र देश ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश हिस्सा ले रहे हैं। इन देशों की भागीदारी अभ्यास को खास बनाती है, क्योंकि इसमें लड़ाकू विमानों से लेकर सैन्य परिवहन और हवा में ईंधन भरने वाले विमानों तक की क्षमताएं एक मंच पर देखने को मिलेंगी।
ये विमान अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते हैं
bhartiya : रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इस अभ्यास में शामिल विदेशी विमानों की सूची में एफ-35 लाइटनिंग द्वितीय, राफेल और एफ-16 जैसे लड़ाकू विमान शामिल हैं। इनके अलावा ए400एम, एमआरटीटी, सी-130, सी-130जे और केसी-30ए जैसे विमान भी हिस्सा ले रहे हैं। ये विमान अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते हैं।
हवा में दूसरे विमानों को ईंधन देने में सक्षम
bhartiya :कोई लड़ाकू अभियानों के लिए तैयार किया गया है, तो कोई सैनिकों और सैन्य सामग्री के परिवहन या हवा में दूसरे विमानों को ईंधन देने में सक्षम है। इस तरह तरंग शक्ति केवल विमानों की भागीदारी तक सीमित नहीं है। यह अलग-अलग क्षमताओं वाली वायुसेनाओं को साथ काम करने और अपने अनुभवों से एक-दूसरे को समझने का अवसर भी देता है।
अन्य मित्र देश पर्यवेक्षक के रूप में भी अभ्यास में शामिल होंगे
bhartiya : दरअसल आधुनिक हवाई अभियानों में अलग-अलग देशों की सेनाओं के बीच तालमेल महत्वपूर्ण होता है। तरंग शक्ति के दौरान विमान चालक दल, अभियान की योजना बनाने वाले विशेषज्ञ और परिचालन सहायता से जुड़े कर्मी एक साथ काम करेंगे। उनका ध्यान आपसी तालमेल, हवाई सुरक्षा, परिचालन प्रक्रियाओं और अनुभवों के आदान-प्रदान पर रहेगा।
काम करने के तरीकों और परिचालन संबंधी सोच
bhartiya : इससे भाग लेने वाले देशों को एक-दूसरे की क्षमताओं, काम करने के तरीकों और परिचालन संबंधी सोच को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। कुछ अन्य मित्र देश पर्यवेक्षक के रूप में भी अभ्यास में शामिल होंगे। इस बार तरंग शक्ति का दायरा केवल हवाई गतिविधियों तक सीमित नहीं रखा गया है।
Read More : एशियन गेम्स: सर्वेश ने पुरुषों की हाई जंप में जीता सिल्वर, पारुल ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में हासिल किया ब्रॉन्ज

